रूहानी इलाज

* दौलतमन्द बनने के लिए- जो आदमी दौलतमन्द बनने का ख्वाहिशमन्द हो उसे चाहिए कि या मालिकों खूब पढे। रोजाना फज्र व इशा की नमाज के बाद कम से कम ३००० बार पढे। अल्लाह मेहरबान होगा और उसके लिए मालोदौलत हासिल करने के रास्ते खुल जाएंगे। जो आदमी बेरोजगार हो, नौकरी या काम न मिलता हो उसे चाहिए कि चार महीने तक रोजाना ११०० बार पढता रहेइन्शाअल्लाह तमन्ना पूरी होगी* अमीर होने के लिए- जो आदमी या अव्वलो रोजाना पांच हजार बार एक साल तक पढता रहे, इन्शाअल्लाह वह अमीर हो जाएगा। गरीब आदमी पढे तो उसे भी मालो-दौलत नसीब हो।


* दुकान की तरक्की के लिए- जो आदमी अपने कारोबार को बढाना चाहे उसे चाहिए कि जुमा की नमाज के बाद कुछ और लोगों को साथ लेकर ३१२५० बार या वासिओ पढे-पढाए। चार जूमा तक लगातार ऐसा करते रहैं और कारोबार बढाने की कोशिश में लग जाएं, इन्शाअल्लाह मुराद पूरी होगी* शादी के लिए- जिन लडके-लडकियों की शादी न हो रही हो, मां-बाप परेशान हो गए है, उन्हें चाहिए कि ४० रोज तक लगातार अस्त्र की नमाज के बाद या फत्ताहो ११५६ बार पढते रहें। इन्शाअल्लाह शादी की राह खुल जाएंगी।


* सास से तंग बहू के लिए- अगर किसी औरत को उसका शौहर या सास नाजाइज परेशान करें, घर में उसकी कोई इज्जत न हो तो उसे चाहिए कि रोजाना ३१२५ बार या कबीरों पढकर पानी पर दम करके खुद पी लिया करे। अल्लाह ने चाहा तो घरवाले उसकी इज्जत करने लग जाएंगे और सताना बन्द कर देंगे। अगर ३१२५ बार न पढ सकें तो कम से कम १०० बार हमेशा रोजाना पढने की आदत बना लें


* मियां- बिवी के रिश्ते- अगर किसी औरत का शौहर बदअखलाक हो,बात-बात पर गाली देता हो तो उसे चाहिए कि इशा की नमाज के बाद रोजाना २० दिन तक ६००० बार या मोमिनों पढे। वजाफा पूरा हो जाए तो अल्लाह से अपनी परेशानी दूर करने के लिए दुआ करें। इस वजीफे की बरकत से अल्लाह ने चाहा तो परेशानी दूर हो जाएगी। शौहर का बर्ताव अच्छा हो जाएगा, दोनों में मुहब्बत पैदा हो जाएगी


 


(हाजी मोहम्मद आजम- चरौदा)